Acharya Dev Vrat appointed as new Governor of Gujarat

Gandhinagar: President Ram Nath Kovind has appointed Himachal Pradesh Governor Acharya Dev Vrat as new Governor of Gujarat. Kalraj Mishra has been appointed new Governor of Himachal Pradesh replacing Dev Vrat.

Acharya Dev Vrat will replace outgoing Governor of Gujarat Shri OP Kohli who has completed his five-year term.

Born on 18 January 1959, Acharya is serving as the Governor of Himachal Pradesh, since August 2015. He is a pracharak who has served previously as the principal of a Gurukul in Kurukshetra, Haryana since 1981. The institution is run by Arya Pratinidhi Sabha, Rohtak, without any financial aid from the government. He was known for his honesty, discipline, punctuality in his daily life.

Achrya Dr. Dev Vrat completed his post-graduation in Hindi from Panjab University in 1984. He has been working for a pollution free environment. He has been closely associated with campaigns against female foeticide and the “Beti Padhao-Beti Bacahao” campaign. He has travelled to Europe and South East Asia for propagating Indian culture.

 

राज्यपाल महोदय

 

 राज्यपाल आचार्य देवव्रत का संक्षिप्त जीवन परिचय
व्यक्तिगत परिचय
नाम: आचार्य देवव्रत
पिता का नाम: श्री लहरी सिंह
जन्म: 18 जनवरी, 1959
पता: गुरुकुल कुरुक्षेत्र, नजदीक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी थर्ड गेट, कैथल रोड, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) – 136119
शैक्षिक योग्यताएं : स्नातक, परास्नातक (हिंदी, इतिहास), बी. एड. डिग्री, डिप्लोमा इन – योग विज्ञान, डॉक्टर ऑफ़ नेचरोपैथी एण्ड योगिक साईंस ।
अनुभव: अध्यापन और प्रशासन का 34 वर्ष का अनुभव ।

 

विशेष रुचियाँ:

  • राष्ट्रीयवादी चिन्तन एवं भारतीय संस्कृति को जन – मानस तक पहुंचाना ।
  • वैदिक मूल्यों पर व्याख्यान ।
  • समाचार – पत्रों एवं पत्रिकाओं के लिए लेख लिखना ।
  • युवाओं को सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना ।
  • यौगिक एवं वैदिक गतिविधियों का आयोजन ।
  • गौ – नस्ल सुधार व जैविक कृषि के लिए निःशुल्क शिविर लगाना ।
  • भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रभावित होकर अप्रैल, 2015 से चमन वाटिका अंतर्राष्ट्रीय कन्या गुरुकुल की अम्बाला में स्थापना की ।
  • आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का प्रचार-प्रसार करना ।
  • वृक्षारोपण एवं यज्ञ चिकित्सा द्वारा प्रदूषण मुक्त्त समाज रचना ।
  • पुस्तक लेखन

विशिष्ट कार्य:

  • 1981 से जुलाई, 2015 तक गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य के रूप में कार्य किया । इस संस्था का अद्वितीय उत्कर्ष इसी काल में हुआ । इस मध्य सम्पूर्ण गुरुकुल परिसर का नवीकरण, सभी भवनों का पुनर्निमाण, अध्ययन, अध्यापन एवं खेलकूद की सभी आधुनिक सुविधाएं, प्राकृतिक चिकित्सालय की स्थापना एवं विकास, आधुनिक गौशाला का विकास, 175 एकड़ में जैविक खेती के प्रयोग एवं कार्यान्वयन, आर्ष महाविद्यालय की स्थापना, शूटिंग रेंज की स्थापना आदि को बृहद् स्तर पर सम्पन्न किया गया । इसी काल में गुरुकुल कुरुक्षेत्र बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की पहली पसंद बना ।
  • आई. आई. टी. – पी. एम. टी.     एन. डी. ए.     अकादमी   स्थापित की गई ।

भारतीय संस्कृति एवं वैदिक मूल्यों के प्रचार हेतु विदेश यात्राएं:

  • स्विट्ज़रलैंड, नीदरलैण्ड, हालैण्ड, फ्रांस, इग्लैंड, इटली, वेटिकन सिटी, नेपाल, भूटान, सिंगापुर, मॉरिशस, थाईलैंड व अमेरिका आदि।

सम्मान एवं पुरस्कार:

  • इण्डिया इन्टरनेशनल फ्रेंडशिप सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 22 अगस्त, 2003 को भीष्म नारायण सिंह जी, महामहिम राज्यपाल, तमिलनाडू द्वारा ‘भारत ज्योति अवार्ड’, ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलैन्स’ अवार्ड एवं ‘श्रीमती सरला चोपड़ा’ अवार्ड से सम्मानित।
  • समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकन बायोग्राफिक्ल इंस्टीच्यूट द्वारा 21 अगस्त, 2002 को अमेरिकन मेडल ऑफ आनर से सम्मानित ।
  • ग्रामीण भारत की गैर सरकारी संस्थाओं का परिसंघ (सी. एन. आर. आई.) नई दिल्ली द्वारा 19 अप्रैल, 2005 को सर्टिफिकेट ऑफ आनर इन सर्विस ऑफ रूरल इण्डिया से सम्मानित ।
  • समाज की विशिष्ट सेवाओं के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती द्वारा 2009 में ‘जनहित शिक्षक श्री अवार्ड’ से सम्मानित ।
  • ऋषि पब्लिक वेल्फेयर ट्रस्ट कुरुक्षेत्र द्वारा 8 मई, 2007 को विशिष्ट समाज सेवाओं के लिए ‘समाज सेवा सम्मान’ से सम्मानित ।
  • गुरुकुल ऐच्छिक संस्था की प्रगति के लिए हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जन कल्याण परिषद् ऊना द्वारा 12 फ़रवरी, 2006 को हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल द्वारा हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार से सम्मानित ।
  • परोपकारिणी सभा अजमेर द्वारा ‘आर्य संस्था व्यवस्थापक सम्मान’ से सम्मानित ।
  • श्री एस. के. श्रीवास्तव पूर्व संयुक्त सचिव, उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा 30 नवम्बर, 2007 को प्राचीन एवं नैतिक मूल्यों के सरंक्षण के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित ।
  • अक्षय ऊर्जा मंत्री हरियाणा श्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा द्वारा 20 अगस्त, 2011 को अक्षय ऊर्जा सम्मान से सम्मानित ।
  • सार्वदेशिक आर्यवीर दल द्वारा ‘विशिष्ठ सेवा सम्मान’ से अलंकृत ।
  • ऑल इंटेलेक्चुअल परिसंघ एवं शोध केंद्र कुरुक्षेत्र द्वारा ‘इंटेलेक्चुअल पर्सनलिटी (विद्वान रत्न)’ से अगस्त, 2013 को सम्मानित ।
  • आर्य समाज आनंद नगर, राजपुरा पंजाब द्वारा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रोत्साहन के लिए शिविर लगाने के लिए 12 अगस्त, 2011 को ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित ।
  • साईंस ओलम्पियाड फाउंडेशन द्वारा विज्ञान एवं गणित विषयों को लोकप्रिय बनाने के सतत् प्रयास के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित।
  • डी.ए.वी. कालेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए 30 अप्रैल, 2012 को ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित।
  • आर्य समाज रादौर (यमुनानगर) द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित।
  • आर्य केन्द्रीय सभा करनाल द्वारा समाज सुधारक के रूप में प्रशंसनीय योगदान के लिए ‘विशिष्ट सम्मान 20 फरवरी, 2010’ से सम्मानित।
  • मूडी इन्टरनेशनल सर्टिफिकेशन आई.एस.ओ. 9001:2008 लिमिटेड द्वारा क्वालिटी मैनेजमेन्ट के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ से सम्मानित।
  • रेडक्रॉस सेासायटी कुरूक्षेत्र द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ से सम्मानित।
  • डॉ. भुक्कल द्वारा कुरूक्षेत्र के बाढ़ पीडि़तों का सामयिक सहायता पहुँचाने के लिए ‘प्रशस्ति पत्र’ द्वारा सम्मानित।

सदस्ताएं:

  • संस्थापक: चमन वाटिका अंतरराष्ट्रीय कन्या गुरुकुल, अम्बाला।
  • हरियाणा सरकार द्वारा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सदस्य नियुक्त।
  • निदेशक, स्वामी श्रद्धानंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र कुरूक्षेत्र।
  • अधिकारी, आर्य विद्या परिषद् हरियाणा।
  • पूर्व मानद सदस्य, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् चण्डीगढ़।
  • सदस्य, हरियाणा गोशाला संघ, रोहतक।
  • पूर्व सदस्य, हरियाणा गो सेवा आयोग, चण्डीगढ़।
  • पूर्व प्रधान, भारतीय किसान संघ, हरियाणा।
  • सदस्य, महर्षि दयानन्द ई.टी.टी. रिसर्च सेन्टर धड़ौली, जींद।
  • सदस्य, जवाहर नवोदय विद्यालय सलाहकार समिति निवारसी, कुरूक्षेत्र।
  • संरक्षक सदस्य, अखिल भारतीय गुरूकुल खेलकूद प्रतियोगिता ।
  • सचिव, श्री गोपाल कृष्ण गोशाला, गुरूकुल कुरूक्षेत्र।

साहित्यक कार्य (लेखन एवं सम्पादन):

  • प्रधान सम्पादक, मासिक पत्रिका ‘गुरुकुल दर्शन’
  • स्वास्थ्य का अनमोल मार्ग: प्राकृतिक चिकित्सा (अंग्रेजी एवं हिन्दी संस्करण)
  • स्वर्ग की सीढ़ियाँ (पंचमहायज्ञ)
  • वाल्मीकि का राम-संवाद (अनुवाद)
  • गुरूकुल कुरूक्षेत्र का गौरवशाली इतिहास
  • संरक्षक ‘गुरूकुल की वार्षिक स्मारिका’

लक्ष्य एवं उद्देश्य: वैदिक संस्कृति एवं परम्परा के प्राचीन गौरव को प्रतिष्ठित एवं सम्वर्द्धित करना एवं मानव मात्र में
वैज्ञानिक समझ को विकसित करना।

वर्तमान पद:

  • 12 अगस्त, 2015 से राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश ।
  • कुलाधिपति, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला ।
  • कुलाधिपति, चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ।
  • कुलाधिपति, डॉo यशवंत सिंह परमार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन ।
  • अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, हिमाचल प्रदेश ।
  • अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद् ।
  • अध्यक्ष, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड ।
  • अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश राज्य पूर्व सैनिक पुर्ननिर्माण एवं पुर्नवास विशेष निधि प्रबंधन एवं प्रशासन समिति ।
  • अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन ।

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